
How sexual health treatment Helps patient Delays Dr Singh Clinic
Dr. Singh Clinic, Gaur City, Noida West provides expert sexual health treatments to help patients overcome delays, restore confidence, and improve intimate well-being.
डॉ. सिंह क्लिनिक में हम पुरुषों और महिलाओं की सभी यौन समस्याओं का गोपनीय, सुरक्षित और प्रभावी इलाज प्रदान करते हैं। हमारे अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित विधियों द्वारा आपकी समस्याओं का समाधान करते हैं। डॉ. सिंह क्लिनिक में हम आपकी त्वचा और बालों की सभी समस्याओं के लिए आधुनिक और प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं। हमारे अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट और हेयर एक्सपर्ट आपकी त्वचा और बालों से जुड़ी हर समस्या का वैज्ञानिक और सुरक्षित इलाज करते हैं।
ल्युकोरिया (सफेद पानी की समस्या) महिलाओं में आमतौर पर होने वाली समस्या है, जिसमें योनि से सफेद, पीला या हल्का हरा स्राव निकलता है। यह संक्रमण, हार्मोनल असंतुलन या पोषण की कमी के कारण हो सकता है और कई बार जलन, खुजली या दुर्गंध के साथ भी हो सकता है।
लो लिबिडो (हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिज़ायर डिसऑर्डर - HSDD) महिलाओं में एक सामान्य यौन समस्या है, जिसमें यौन इच्छा में कमी या पूरी तरह से अभाव देखा जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन, तनाव, अवसाद, संबंधों में समस्याएं या शारीरिक कमजोरी के कारण हो सकता है।
यौन उत्तेजना विकार (Sexual Arousal Disorder) महिलाओं में एक ऐसी समस्या है जिसमें पर्याप्त यौन उत्तेजना नहीं होती या उत्तेजना बनाए रखने में कठिनाई होती है, जिससे संतोषजनक यौन अनुभव प्रभावित होता है। इसके कारणों में हार्मोनल असंतुलन, तनाव, अवसाद, संबंधों में समस्याएं या किसी शारीरिक बीमारी का प्रभाव शामिल हो सकता है।
ओर्गैज़्मिक डिसऑर्डर (Anorgasmia) एक महिला यौन समस्या है जिसमें यौन उत्तेजना के बावजूद चरम सुख (ऑर्गैज़्म) प्राप्त करने में कठिनाई होती है या बिल्कुल भी नहीं हो पाता। इसके कारणों में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कारक शामिल हो सकते हैं, जैसे हार्मोनल असंतुलन, तनाव, अवसाद, दवाओं का प्रभाव या संबंधों में समस्याएं।
दर्दनाक संभोग (Dyspareunia) महिलाओं में एक सामान्य यौन समस्या है, जिसमें यौन संबंध बनाते समय असहजता या तेज़ दर्द महसूस होता है। इसके कारणों में योनि में सूखापन, संक्रमण, हार्मोनल असंतुलन, एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) या मानसिक तनाव शामिल हो सकते हैं।
योनि में सूखापन (Vaginal Dryness) एक आम महिला यौन स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें योनि में पर्याप्त नमी न होने के कारण जलन, खुजली और संभोग के दौरान दर्द हो सकता है। यह समस्या आमतौर पर हार्मोनल असंतुलन, रजोनिवृत्ति, तनाव, कुछ दवाइयों या संक्रमण के कारण उत्पन्न हो सकती है।
वैजिनिज़्मस (Vaginismus) एक महिला यौन स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें योनि की मांसपेशियां अनैच्छिक रूप से संकुचित हो जाती हैं, जिससे संभोग, टैम्पून का उपयोग या चिकित्सकीय जांच के दौरान दर्द और असुविधा होती है।
पोस्टमेनोपॉज़ल सेक्सुअल डिसफंक्शन (Postmenopausal Sexual Dysfunction) रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में होने वाली एक सामान्य समस्या है, जिसमें यौन इच्छा की कमी, योनि में सूखापन, दर्दनाक संभोग (डायस्परेउनिया) और उत्तेजना में कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
यौन सुख की कमी (Lack of Sexual Pleasure) महिलाओं में एक आम समस्या हो सकती है, जिसका कारण शारीरिक, हार्मोनल या मानसिक तनाव से जुड़ा हो सकता है। यह समस्या यौन इच्छा की कमी, उत्तेजना में कमी, दर्दनाक संभोग, या ऑर्गेज्म तक न पहुंच पाने के कारण हो सकती है।
मनोवैज्ञानिक यौन समस्याएं (Psychological Sexual Issues) महिलाओं में यौन जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। तनाव, चिंता, अवसाद, बचपन के किसी बुरे अनुभव या रिश्तों में असंतोष के कारण यौन इच्छा और संतोष में कमी आ सकती है।
हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) महिलाओं में यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकता है, जिसमें यौन इच्छा की कमी, योनि में सूखापन, मासिक धर्म की अनियमितता और थकान शामिल हैं। एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोनों का असंतुलन यौन उत्तेजना और संतोष को प्रभावित कर सकता है।
पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) महिलाओं में एक आम हार्मोनल विकार है, जो अनियमित मासिक धर्म, वजन बढ़ना, मुंहासे, बालों का अत्यधिक गिरना और प्रजनन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
थायरॉयड ग्रंथि में असंतुलन महिलाओं के यौन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म की स्थिति में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे कम यौन इच्छा, योनि में सूखापन, थकान, मूड स्विंग और प्रजनन समस्याएँ हो सकती हैं।
लो एस्ट्रोजन का स्तर महिलाओं के यौन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। यह हार्मोनल असंतुलन यौन इच्छा में कमी, योनि में सूखापन, दर्दपूर्ण संभोग (डाइसपरेनिया), मूड स्विंग और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।